Lesson Plan || Class 9 ||CBSE|| Hindi || Ganga book||Chapter -आखिरी चट्टान तक || Aakhiri chattaan tak || lesson plan for teachers ||

 


1. सामान्य सूचना (General Information)

·       दिनांक: ________

·       कक्षा: 9वीं

·       विषय: हिंदी (गंगा - गद्य खंड)

·       पाठ का नाम: आखिरी चट्टान तक

·       लेखक : मोहन राकेश

 

2. शिक्षण उद्देश्य (Teaching Objectives)-

सामान्य उद्देश्य--

·       साहित्यिक विधाओं का ज्ञान: छात्रों को गद्य की 'यात्रा-वृत्तांत' विधा से परिचित कराना और गद्य साहित्य के प्रति उनकी रुचि बढ़ाना।

·       कल्पना और सौंदर्यबोध का विकास: विद्यार्थियों में प्रकृति के विभिन्न रूपों को देखकर उसके सौंदर्य को महसूस करने और उसकी सराहना करने की क्षमता विकसित करना।

·       भाषाई कौशल का संवर्धन: छात्रों के शब्द भंडार में वृद्धि करना और उनमें सजीव दृश्य-वर्णन की क्षमता का विकास करना।

·       पर्यटन के प्रति रुचि: छात्रों को देश के विभिन्न हिस्सों की यात्रा करने, नई संस्कृतियों को जानने और खोजी दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करना।

विशिष्ट उद्देश्य-

·       प्राकृतिक दृश्यों की सजीव समझ: छात्र कन्याकुमारी के समुद्र तट, तीनों सागरों के मिलन, विवेकानंद रॉक और वहाँ के अद्भुत सूर्यास्त व सूर्योदय के दृश्यों का आस्वादन कर सकेंगे।

·       भौगोलिक एवं सांस्कृतिक परिचय: विद्यार्थी भारत के सुदूर दक्षिणी छोर की भौगोलिक स्थिति, वहाँ के वातावरण और स्थानीय जनजीवन से परिचित हो सकेंगे।

·       चित्रात्मक भाषा-शैली की पहचान: छात्र लेखक मोहन राकेश की बिंबप्रधान (चित्रात्मक), प्रवाहपूर्ण और भावपूर्ण भाषा-शैली का विश्लेषण कर सकेंगे।

·       दार्शनिक और आत्मानुभूतिक सोच: पाठ के माध्यम से छात्र प्रकृति के अनंत विस्तार (शक्ति का विस्तार) के सामने मानव अस्तित्व की लघुता और जीवन के दार्शनिक पक्ष को समझ सकेंगे।

 

 3.  पूर्व ज्ञान  (Assumed prior knowledge)-

·       यात्रा करने का अनुभव: छात्र अपने परिवार या मित्रों के साथ कभी न कभी किसी नए शहर, पर्वतीय स्थल या ऐतिहासिक स्थान की यात्रा कर चुके हैं और यात्रा के उत्साह से परिचित हैं।

·       समुद्र और सूर्यास्त की बुनियादी समझ: छात्र टेलीविजन, फिल्मों या तस्वीरों के माध्यम से समुद्र, लहरों, रेतीले तटों और सूर्यास्त/सूर्योदय के दृश्यों की सामान्य जानकारी रखते हैं।

·       भारत के मानचित्र का सामान्य ज्ञान: छात्र जानते हैं कि भारत के दक्षिण में महासागर है और वे भारत के सुदूर दक्षिणी कोने (पेनिनसुला) की भौगोलिक स्थिति से थोड़े-बहुत परिचित हैं।

·       विवेकानंद जी के नाम से परिचय: छात्र स्वामी विवेकानंद के नाम और भारतीय संस्कृति में उनके ऐतिहासिक महत्व के बारे में बुनियादी जानकारी रखते हैं।

·       डायरी या यात्रा-लेखन का बोध: छात्र यह सामान्य रूप से समझते हैं कि जब कोई व्यक्ति अपनी यात्रा के अनुभवों या यादों को लिखता है, तो उसे यात्रा-संस्मरण या डायरी कहा जाता है।

4. अपेक्षित शिक्षण प्रतिफल (Expected Learning Outcomes)-

·  यात्रा-वृत्तांत विधा की समझ: छात्र गद्य की 'यात्रा-वृत्तांत' विधा की मुख्य विशेषताओं को पहचान सकेंगे और अपने स्वयं के यात्रा अनुभवों को क्रमबद्ध ढंग से लिख सकेंगे।

·  सजीव दृश्य-वर्णन : छात्र लेखक की तरह प्रकृति के दृश्यों, जैसे- समुद्र की लहरों, रेत के बदलते रंगों और सूर्यास्त के दृश्यात्मक वैभव को अपने शब्दों में व्यक्त करने में सक्षम होंगे।

·  भौगोलिक एवं सांस्कृतिक ज्ञान: छात्र भारत के सुदूर दक्षिणी छोर (कन्याकुमारी), तीनों सागरों के संगम और विवेकानंद रॉक मेमोरियल के भौगोलिक व ऐतिहासिक महत्व की व्याख्या कर सकेंगे।

·  भाषाई कौशल और बिंब-पहचान: छात्र पाठ में प्रयुक्त तत्सम प्रधान खड़ी बोली, चित्रात्मक (बिंबप्रधान) शैली और नए मुहावरों का अर्थ समझकर उनका भाषा में व्यावहारिक प्रयोग कर सकेंगे।

·  सौंदर्यबोध और दार्शनिक दृष्टि: छात्र प्रकृति के अनंत विस्तार (विस्तार की शक्ति) के सामने मानव अस्तित्व की लघुता को महसूस कर जीवन के प्रति एक विनम्र और दार्शनिक दृष्टिकोण विकसित करेंगे।

·       पर्यावरणीय संवेदनशीलता: छात्र पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने और प्राकृतिक धरोहरों को संरक्षित करने के प्रति ज़िम्मेदार नागरिक के रूप में व्यवहार करेंगे।

5. शिक्षण-सहायक सामग्री

  • पाठ्यपुस्तक
  • श्यामपट्ट (ब्लैकबोर्ड)
  • चित्र/स्लाइड
  • कार्यपत्रक
  • ऑडियो या वीडियो क्लिप (यदि उपलब्ध हो)

6.सारांश (summary)-

  • भाषा : तत्सम प्रधान, परिमार्जित हिंदी
  • शैली : चित्रात्मक, वर्णनात्मक   
  • विधा :  यात्रा-वृत्तांत

·       प्रस्तुत पाठ में लेखक मोहन राकेश ने भारत के सुदूर दक्षिणी छोर, कन्याकुमारी की अपनी यात्रा का अत्यंत सजीव और मनोहारी वर्णन किया है। लेखक वहाँ के समुद्र तट पर बैठकर तीनों सागरों (हिंद महासागर, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी) के अद्भुत संगम को देखते हैं। वे कन्याकुमारी के रेतीले तट से सूर्यास्त और सूर्योदय के जादुई दृश्यों, पल-पल बदलते रेत के रंगों तथा समुद्र की उफनती लहरों के सौंदर्य से अभिभूत हो जाते हैं। विवेकानंद रॉक (आखिरी चट्टान) पर खड़े होकर वे प्रकृति के इस असीम विस्तार को निहारते हैं, जो पाठक के मन में भी सौंदर्यबोध और दार्शनिक चेतना जगा देता है।

7. कौशल विकास (skill developed)-

·  चित्रात्मक और वर्णनात्मक लेखन (Descriptive Writing Skill): प्रकृति के दृश्यों, रंगों और वातावरण का सूक्ष्म निरीक्षण करके उन्हें सजीव शब्दों में ढालने की कला सीखना।

·  भौगोलिक एवं मानचित्र कौशल (Geographical & Map Skills): भारत के दक्षिणी छोर (कन्याकुमारी), महासागरों के संगम और तटीय क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति को समझने व मैप पर पहचानने की क्षमता।

 सौंदर्यबोध और पर्यावरण चेतना (Aesthetic & Environmental Awareness): प्राकृतिक संपदा और प्राकृतिक दृश्यों के प्रति गहरी प्रशंसा का भाव विकसित करना तथा पर्यटन स्थलों को स्वच्छ रखने का बोध।

·       समीक्षात्मक और दार्शनिक सोच (Critical & Philosophical Thinking): प्रकृति के असीम विस्तार के सामने मानव अस्तित्व की लघुता को समझना और जीवन को एक व्यापक नजरिए से देखना।

·       खोजी और यात्रा डायरी लेखन कौशल: नए स्थानों को जानने, संस्कृति का अनुभव करने और अपने यात्रा अनुभवों को 'यात्रा-वृत्तांत' या डायरी के रूप में क्रमबद्ध लिखने का कौशल।

8.क्रिया कलाप (Activity)-

·  वर्चुअल टूर और चर्चा : स्मार्ट क्लास या प्रोजेक्टर के माध्यम से छात्रों को कन्याकुमारी, विवेकानंद रॉक मेमोरियल और वहाँ के सूर्यास्त का एक छोटा वीडियो/3D टूर दिखाना और उस पर उनके अनुभव पूछना।

·  यात्रा डायरी लेखन : छात्रों से उनके जीवन की किसी भी यादगार यात्रा (जैसे- नानी का घर, कोई हिल स्टेशन या ऐतिहासिक स्थल) के अनुभवों को ८०-१०० शब्दों में एक आकर्षक 'यात्रा-वृत्तांत' के रूप में लिखवाना।

·  मानचित्र कार्य : भारत के राजनीतिक और भौतिक मानचित्र पर कन्याकुमारी को खोजना तथा तीनों सागरों (अरब सागर, बंगाल की खाड़ी, हिंद महासागर) के मिलन बिंदु को रंग भरकर प्रदर्शित करना।

·       पर्यटन और स्वच्छता अभियान पर वाद-विवाद: कक्षा में 'क्या बढ़ते पर्यटन से हमारे प्राकृतिक स्थल प्रदूषित हो रहे हैं?' विषय पर एक लघु परिचर्चा आयोजित करना और इसके समाधान खोजना।

 

9.गृहकार्य (homework)-

·  रचनात्मक/व्यावहारिक कार्य: यदि आपको अपने विद्यालय की ओर से किसी ऐतिहासिक या प्राकृतिक स्थल पर जाने का अवसर मिले, तो आप वहाँ किन-किन बातों का ध्यान रखेंगे और अपनी यात्रा डायरी में क्या दर्ज करेंगे? एक योजना (Plan) तैयार कीजिए।

·  मूल्य-आधारित प्रश्न: आजकल प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर प्लास्टिक और कचरे के कारण प्रदूषण बढ़ रहा है। एक ज़िम्मेदार छात्र के रूप में आप इन प्राकृतिक धरोहरों को स्वच्छ रखने के लिए क्या उपाय सुझाएंगे?

·  पाठ्यपुस्तक के प्रश्न-उत्तर पुस्तिका में करेंगे।

10. संबद्ध सतत विकास लक्ष्य (SDG Goals)-

SDG 14: जल के नीचे जीवन (Life Below Water)

SDG 12: उत्तरदायी उपभोग और उत्पादन (Responsible Consumption and Production

SDG 15: भूमि पर जीवन (Life on Land)

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 


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