खंड
– क
(अपठित गद्यांश)
प्रश्न
1. निम्नलिखित
गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इसके आधार पर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त
उत्तर लिखिए- (7)
आज के युग में विज्ञान ने मानव जीवन
को अत्यधिक प्रभावित किया है। विज्ञान के कारण जहाँ मनुष्य के जीवन में सुविधाएँ
बढ़ी हैं, वहीं कुछ चुनौतियाँ भी उत्पन्न हुई हैं।
पहले जिन कार्यों को पूरा करने में कई दिन लग जाते थे, वे अब
कुछ ही मिनटों में संपन्न हो जाते हैं। संचार के क्षेत्र में क्रांति ने पूरी
दुनिया को एक छोटे से गाँव के समान बना दिया है। परंतु विज्ञान का अत्यधिक उपयोग
कभी-कभी मनुष्य को प्रकृति से दूर भी कर देता है। लोग मशीनों पर इतना निर्भर हो गए
हैं कि शारीरिक श्रम कम होता जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य
संबंधी समस्याएँ बढ़ रही हैं। इसके अतिरिक्त, वैज्ञानिक
आविष्कारों का दुरुपयोग भी मानवता के लिए खतरा बन सकता है। अतः आवश्यक है कि
विज्ञान का उपयोग विवेक और संतुलन के साथ किया जाए, ताकि
मानव जीवन सुखमय और सुरक्षित बना रहे। विज्ञान तभी वरदान सिद्ध होगा, जब उसका प्रयोग मानव कल्याण के उद्देश्य से किया जाए।”
निम्नलिखित
प्रश्नों के सही विकल्प चुनिए-
(1) संचार
क्रांति ने दुनिया को किसके समान बना दिया है?
(क) बड़े शहर के समान
(ख) छोटे गाँव के समान
(ग) जंगल के समान
(घ) रेगिस्तान के समान
(2) निम्नलिखित कथन (A) तथा कारण (R) को ध्यानपूर्वक पढ़िए। उसके बाद दिए
गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए-
कथन (A) : विज्ञान ने मानव जीवन को सुविधाजनक
बनाया है।
कारण (R) : विज्ञान के कारण कार्य कम समय में
पूरे होने लगे हैं।
(क) कथन(A) सही है पर कारण(R) सही नहीं है।
(ख) कथन(A) और कारण(R) दोनों सही हैं, कारण(R), कथन(A) की
सही व्याख्या नहीं करता है।
(ग) कथन(A) और कारण(R) दोनों सही हैं।
(घ) कथन(A) और कारण(R) दोनों गलत हैं।
(3) वैज्ञानिक आविष्कारों का
दुरुपयोग किसके लिए खतरा बन सकता है?
(क) केवल बच्चों के लिए
(ख) मानवता के लिए
(ग) केवल वैज्ञानिकों के लिए
(घ) केवल पशुओं के लिए
(4) विज्ञान को वरदान कब माना जा सकता
है? (2)
(5) विज्ञान के अत्यधिक उपयोग से क्या
हानि हो सकती हैं? (2)
प्रश्न
2. पुस्तकों का मानव जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण
स्थान है। वे मनुष्य की सच्ची मित्र मानी जाती हैं, क्योंकि
वे हमें ज्ञान प्रदान करने के साथ-साथ सही मार्ग भी दिखाती हैं। प्राचीन काल से ही
पुस्तकें ज्ञान के संरक्षण और प्रसार का प्रमुख माध्यम रही हैं। एक अच्छी पुस्तक
व्यक्ति के विचारों को सकारात्मक दिशा देती है तथा उसके व्यक्तित्व के विकास में
सहायक होती है। आज के आधुनिक युग में इंटरनेट और मोबाइल के बढ़ते प्रभाव के कारण
लोगों की पढ़ने की आदत में कमी आई है। विशेषकर विद्यार्थी मनोरंजन के साधनों में
अधिक समय व्यतीत करने लगे हैं, जिससे
उनका अध्ययन प्रभावित होता है। हालाँकि तकनीक ने ज्ञान प्राप्त करना आसान बना दिया
है, फिर भी पुस्तकों का महत्व कम नहीं
हुआ है। पुस्तकें हमें धैर्य, अनुशासन
और गहराई से सोचने की क्षमता प्रदान करती हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को नियमित
रूप से अच्छी पुस्तकों का अध्ययन करना चाहिए, ताकि
वह ज्ञानवान, जागरूक और
संस्कारी बन सके।” (7)
1. पुस्तकों को
मनुष्य का सच्चा मित्र क्यों कहा गया है?
(क)
वे मनोरंजन करती हैं
(ख)
वे ज्ञान प्रदान कर सही मार्ग दिखाती हैं
(ग)
वे समय नष्ट करती हैं
(घ)
वे केवल कहानियाँ सुनाती हैं
2. आधुनिक
युग में पढ़ने की आदत में कमी का मुख्य कारण क्या है?
(क)
पुस्तकों की कमी
(ख)
इंटरनेट और मोबाइल का बढ़ता प्रभाव
(ग)
विद्यालय बंद होना
(घ)
खेलकूद
3. कथन (A): तकनीक के आने से पुस्तकों का महत्व
समाप्त हो गया है।
कारण (R): पुस्तकें
धैर्य और गहराई से सोचने की क्षमता प्रदान करती हैं
(क) कथन(A) गलत
है पर कारण(R) सही है।
(ख) कथन(A) और
कारण(R) दोनों सही
हैं।
(ग) कथन (4) सही है, पर
कारण (R) गलत है।
(घ) कथन (A) और
कारण (R) दोनों गलत
हैं।
4. आधुनिक युग में पढ़ने की आदत में
कमी क्यों आई है?
5. अच्छी पुस्तकें व्यक्ति के
व्यक्तित्व को कैसे प्रभावित करती है?
खंड – ख
(व्यावहारिक
व्याकरण)
प्रश्न3) i)ननिम्नलिखित शब्दों मे उपसर्ग और मूल शब्द अलग कीजिए: (3)
क)
अनुशासन
ख)
पराजय
ग)
विरोध
ii) उचित उपसर्ग लगाकर नए शब्द बनाइए: (2)
क)
मान → _______
ख)
योग्य → _______निम्नलिखित शब्दों में मूलशब्द व उपसर्ग अलग करके लिखिए –म्नलिखित
शब्दों
प्रश्न4) i)मूनिम्नलिखित वाक्यों में उचित विराम चिह्न लगाकर पुनः लिखिए:ल (3) क) शाबाश तुमने बहुत अच्छा काम किया
ख)
मोहन
ने कहा मैं कल दिल्ली जाऊँगा
ग)
हमें
सुख दुख में धैर्य रखना चाहिए
ii) निम्नलिखित विराम चिह्नों का प्रयोग कब किया जाता है? (2)
(क) योजक चिह्न (—)
(ख)
उद्धरण चिह्न (“ ”)
खंड
– ग
(पाठ्यपुस्तक)
प्रश्न
5) निम्नलिखित गद्यांश
पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए- (5)
आज
दोनों के सामने फिर वही सूखा भूसा लाया गया। दोनों चुपचाप खड़े रहे। घर के लोग
भोजन करने लगे। उस वक्त एक छोटी-सी लड़की दो रोटियाँ लिए निकली और दोनों के मुँह
में देकर चली गई। उस एक रोटी से इनकी भूख तो क्या शांत होती; पर दोनों के हृदय को मानो भोजन मिल
गया। यहाँ भी किसी सज्जन का वास है। लड़की भैरो की थी। उसकी माँ मर चुकी थी।
सौतेली माँ उसे मारती रहती थी, इसलिए
इन बैलों से उसे एक प्रकार की आत्मीयता हो गई थी।
1.
दोनों बैलों के सामने क्या लाया गया?
क) हरा चारा
ख) सूखा भूसा
ग) दाल-रोटी
घ) घास
2. लड़की किसकी बेटी थी?
क) हीरा की
ख) मोती की
ग) भैरो की
घ) किसान की
3. लड़की की माँ की क्या स्थिति थी?
क) बीमार थी
ख) शहर गई थी
ग) मर चुकी थी
घ) घर छोड़कर चली गई थी
4. गद्यांश
में किस भावना का वर्णन किया गया है?
क) क्रोध
ख) आत्मीयता और दया
ग) ईर्ष्या
घ) घमंड
5. छोटी लड़की बैलों के लिए क्या लेकर आई?
क) दूध
ख) घास
ग) दो रोटियाँ
घ) गुड़
प्रश्न 6) निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों
के उत्तर दीजिए- (5)
प्रभु जी तुम चंदन हम पानी, जाकी अंग-अंग बास समानी।
प्रभु जी तुम घन बन, हम मोरा, जैसे चितवत चंद चकोरा।
प्रभु जी तुम दीपक, हम बाती, जाकी जोति बरै दिन
राती।
प्रभु जी तुम मोती, हम धागा, जैसे सोने मिलत
सुहागा।
प्रभु जी तुम स्वामी, हम दासा, ऐसी भगति करै रैदासा।
1. अब कैसे छूटै राम रट लागी” पंक्ति का भावार्थ क्या है?
क) कवि संसार छोड़ना चाहता है
ख) कवि भगवान का नाम लेना छोड़ना चाहता है
ग) कवि भगवान के नाम-स्मरण में पूरी तरह लीन हो चुका है
घ) कवि किसी से नाराज़ है
2. कवि ने ‘चंदन और पानी’ के माध्यम
से किस संबंध को व्यक्त किया है?
क) दूरी का संबंध
ख) घनिष्ठता और समर्पण का संबंध
ग) विरोध का संबंध
घ) औपचारिक संबंध
3. जैसे सोने मिलत सुहागा” का
अर्थ क्या है?
क) नुकसान होना
ख) साधारण चीज़ का नष्ट होना
ग) अच्छी वस्तु का और अधिक श्रेष्ठ हो जाना
घ) कठिनाई बढ़ना
4. प्रभु जी तुम घन बन, हम मोरा” में मोर किसका प्रतीक है?
क) अहंकार का
ख) भक्त का
ग) प्रकृति का
घ) राजा का
5. इस पद में कवि की भक्ति किस
प्रकार की है?
क) निर्गुण भक्ति
ख) सगुण भक्ति
ग) दास्य भाव की भक्ति
घ) वीर भक्ति
प्रश्न 7) निम्नलिखित प्रश्नो में से किन्ही तीन के उत्तर लिखिए- (लगभग 25-30 शब्दो में) (3x2=6)
क) हीरा और मोती का अपने घर लौट आना क्या दर्शाता है तथा इससे उनके चरित्र की कौन-सी विशेषताएँ उजागर होती हैं?
ख) अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाना आवश्यक है।” ‘दो
बैलों की कथा’ के आधार पर लिखिए-
(i) कहानी में बैलों ने अन्याय का विरोध
कैसे किया?
(ii) इससे लेखक क्या संदेश देना चाहता है?
ग) मैं अपनो मन हरि से जोरौ” पंक्ति
के आधार पर कवि की भक्ति-भावना स्पष्ट कीजिए।
घ) कवि ने “प्रभु जी तुम चंदन हम
पानी” कहकर भगवान और भक्त के संबंध को किस प्रकार व्यक्त किया है? अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।
खंड
– घ
(रचनात्मक-लेखन)
प्रश्न8) निम्नलिखित में से
किसी एक विषय पर अनुच्छेद लिखिए (100-120 शब्दो में)- (5)
सोशल मीडिया :
लाभ और हानि
संकेत बिंदु-
· अर्थ
· संचार का आसान माध्यम
· शिक्षा और जानकारी में सहायता
· समय की बर्बादी और लत
· संतुलित उपयोग की आवश्यकता
अथवा
जीवन में नैतिक मूल्यों का
महत्व
संकेत बिंदु-
·
नैतिक मूल्य का अर्थ
·
जीवन में इसकी आवश्यकता और महत्व
·
नैतिक मूल्यों का ह्रास (गिरावट)
·
सुधार के उपाय और उपसंहार
प्रश्न9)
अपने
मित्र को जन्मदिन की शुभकामनाएँ देते हुए पत्र लिखिए। (5)
अथवा
अपने मित्र को खेलों के महत्व के बारे में बताते
हुए पत्र लिखिए।
ANSWER KEY
सेट-ब
उत्तर1
(1) (ख)
छोटे गाँव के समान
(2) (ग) कथन(A) और कारण(R) दोनों सही हैं।
(3) (ख) मानवता के लिए
4) विज्ञान को तभी वरदान माना जा सकता है,
जब उसका उपयोग सोच-समझकर, संतुलित तरीके से और मानव कल्याण के लिए
किया जाए। यदि विज्ञान का प्रयोग समाज की भलाई, सुविधा और सुरक्षा के उद्देश्य से हो,
तो यह मानव जीवन को बेहतर बनाता है।
(5) विज्ञान
के अत्यधिक उपयोग से लोग मशीनों पर अधिक निर्भर हो जाते हैं, जिससे शारीरिक श्रम कम होता है और
स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ बढ़ती हैं। इसके अलावा, मनुष्य प्रकृति से दूर होता जाता है तथा
वैज्ञानिक आविष्कारों का दुरुपयोग भी खतरनाक हो सकता है।
उत्तर2. 1. (ख) वे ज्ञान प्रदान कर सही मार्ग दिखाती
हैं।
2. (ख) इंटरनेट और मोबाइल का बढ़ता प्रभाव
3.(क)
कथन(A) गलत
है पर कारण(R) सही
है।
4. आधुनिक
युग में इंटरनेट, मोबाइल
और मनोरंजन के अन्य साधनों का प्रभाव तेजी से बढ़ा है। लोग विशेषकर विद्यार्थी, पढ़ाई की बजाय अधिक समय मनोरंजन में
बिताने लगे हैं, जिससे
पुस्तकों को पढ़ने की आदत धीरे-धीरे कम होती जा रही है।
5. अच्छी
पुस्तकें व्यक्ति को सकारात्मक सोच, ज्ञान और सही दिशा प्रदान करती हैं। वे धैर्य, अनुशासन तथा गहराई से सोचने की क्षमता
विकसित करती हैं, जिससे
व्यक्ति का व्यक्तित्व बेहतर, संस्कारी
और जागरूक बनता है।
उत्तर3 i) उपसर्ग मूल शब्द
अनुशासन
→ अनु
शासन
(ख)
पराजय → परा जय
(ग)
विरोध → वि रोध
ii) (क) मान → अपमान
(ख)
योग्य → अयोग्य
उत्तर4 i) (क) शाबाश! तुमने बहुत अच्छा काम किया।
(ख) मोहन ने कहा, “मैं कल दिल्ली जाऊँगा।”
(ग) हमें सुख-दुख में धैर्य रखना
चाहिए।
ii) (क)
योजक चिह्न (—):
योजक चिह्न का प्रयोग दो शब्दों या
वाक्यों को जोड़ने तथा उनके बीच संबंध दिखाने के लिए किया जाता है। जैसे – सुख-दुख,
दिन-रात।
(ख)
उद्धरण चिह्न (“ ”):
उद्धरण चिह्न का प्रयोग किसी व्यक्ति के
कथन, संवाद या विशेष
शब्दों को दर्शाने के लिए किया जाता है। जैसे – मोहन ने कहा, “मैं कल स्कूल जाऊँगा।”
उत्तर5. 1.(ख) सूखा भूसा
2. (ग)
भैरो की
3. (ग) मर चुकी थी
4. (ख) आत्मीयता और दया
5. (ग) दो रोटियाँ
उत्तर6. 1. (ग) कवि भगवान के नाम-स्मरण में पूरी तरह
लीन हो चुका है
2. (ख)
घनिष्ठता और समर्पण का संबंध
3. (ग)
अच्छी वस्तु का और अधिक श्रेष्ठ हो जाना
4. (ख)
भक्त का
5. (ग) दास्य भाव की भक्ति
उत्तर7
(क) उत्तर: हीरा और मोती का अनेक मुसीबतों को झेलने
के बाद अंततः अपने घर (झूरी के पास) लौट आना यह दर्शाता है कि पशुओं में भी अपने
मालिक और मातृभूमि के प्रति गहरा लगाव, संवेदना और भावनाएं होती हैं।
इससे उनके चरित्र की कई
महत्वपूर्ण विशेषताएँ उजागर होती हैं। पहली विशेषता उनकी अटूट वफादारी और
स्वामी-भक्ति है; वे झूरी
के स्नेह को कभी नहीं भूलते। दूसरी विशेषता उनका गृह-प्रेम और स्वाभिमान है, जिसके कारण वे गया के घर की गुलामी और कांजीहौस की
कैद को स्वीकार नहीं करते। तीसरी विशेषता उनकी अनन्य मित्रता और एकता है; पूरे सफर में दोनों ने एक-दूसरे का साथ कभी नहीं
छोड़ा और मुसीबत के समय हमेशा मिलकर सामना किया।
(ख)
(i) कहानी
में बैलों ने अन्याय का विरोध कैसे किया?
उत्तर: हीरा और मोती ने
पग-पग पर अन्याय का कड़ा विरोध किया। झूरी के साले गया द्वारा अत्याचार करने और
सूखा भूसा देने पर उन्होंने हल चलाने से मना कर दिया और रस्सियाँ तुड़वाकर भाग गए।
कांजीहौस में कैद होने पर उन्होंने अपनी सींगों से दीवार तोड़कर अन्य बेज़ुबान
जानवरों को आज़ाद कराया। अंत में, जब
एक दढ़ियल उन्हें ले जा रहा था, तो
उन्होंने साहस दिखाते हुए अपने प्राणों की रक्षा की और सुरक्षित घर वापस लौट आए।
(ii) इससे लेखक क्या संदेश देना चाहता है?
उत्तर: लेखक यह संदेश देना चाहता है कि स्वतंत्रता पाने के लिए
निरंतर संघर्ष करना पड़ता है। अत्याचार को चुपचाप सहना कायरता है, इसलिए हर व्यक्ति को
अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठानी चाहिए।
इसके अतिरिक्त, यह कहानी हमें संकट के समय संगठित रहने और 'एकता में शक्ति' के सिद्धांत को अपनाने
की प्रेरणा देती है, क्योंकि मिलकर प्रयास करने से बड़े से बड़े शत्रु को
भी हराया जा सकता है।
(ग) मैं अपनो मन हरि से जोरौ" पंक्ति के माध्यम से कवि की अनन्य और
निष्काम भक्ति-भावना प्रकट होती है। यहाँ कवि स्पष्ट करते हैं कि उन्होंने इस
नश्वर संसार के सभी झूठे सांसारिक रिश्तों,
मोह-माया और बंधनों से अपने मन को पूरी तरह से
हटा लिया है। अब उनका मन केवल और केवल ईश्वर (हरि) के चरणों में लीन हो चुका है।
यह एक ऐसी अवस्था को दर्शाता है जहाँ भक्त और भगवान के बीच कोई तीसरा नहीं होता। इससे उनकी अनन्य
भक्ति, प्रेम
और पूर्ण समर्पण की भावना प्रकट होती है।
(घ) कवि रैदास ने
"प्रभु जी तुम चंदन हम पानी" कहकर भगवान और भक्त(स्वय) के अटूट संबंध को
दर्शाया है। जिस प्रकार पानी में मिलकर चंदन अपनी सुगंध फैला देता है और दोनों
एकाकार हो जाते हैं, उसी
प्रकार भक्त भी ईश्वर के सानिध्य में आकर उनके सद्गुणों से महक उठता है। इस प्रकार
यहाँ भगवान और भक्त के प्रेम, निकटता, समर्पण और अटूट संबंध को व्यक्त किया गया
है।
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