1. सामान्य
सूचना (General Information)
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दिनांक:
________
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कक्षा: 9वीं
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विषय:
हिंदी
(गंगा - काव्य खंड)
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पाठ का नाम: भारति, जय, विजयकरे
·
कवि:
सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'
2. शिक्षण
उद्देश्य (Teaching Objectives)
·
सामान्य उद्देश्य:
·
साहित्यिक अभिरुचि: छात्रों में हिंदी कविता के प्रति प्रेम, रुचि और कलात्मक दृष्टिकोण विकसित करना।
·
कल्पना और रचनात्मकता: विद्यार्थियों की कल्पना शक्ति, भावना और रचनात्मक सोच का विकास करना।
·
भाषाई कौशल: छात्रों को शुद्ध उच्चारण, सही लय-ताल, उचित
आरोह-अवरोह और भाव के साथ काव्य-पाठ (Recitation)
की
योग्यता प्रदान करना।
· रस
और आनंद: छात्रों
को कविता के मुख्य रस (यहाँ ओज और वीर रस) की अनुभूति कराना और काव्य-आनंद प्रदान
करना।
विशिष्ट
उद्देश्य-
·
देशप्रेम का संचार: छात्र भारत माता के प्रति आदर, भक्ति और देश के लिए सर्वस्व समर्पित करने की भावना
को समझ सकेंगे।
·
भौगोलिक मानवीकरण की समझ: छात्र कविता में वर्णित भारत के प्राकृतिक स्वरूप
(हिमालय रूपी मुकुट, समुद्र
रूपी चरण-सेवक और गंगा रूपी हार) को पहचान सकेंगे।
·
कृषि-संस्कृति का ज्ञान: विद्यार्थी भारत की फसलों, संपन्नता ("कनक-शस्य") और प्राकृतिक वैभव
के महत्व को समझ सकेंगे।
·
निराला जी की शैली से परिचय: छात्र छायावादी कवि सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' जी की
ओजपूर्ण भाषा-शैली और देश-आवाहन के तरीकों से परिचित हो सकेंगे।
·
राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान: छात्र भारत के राष्ट्रीय गौरव के प्रतीकों को पहचानकर
उनके प्रति सम्मान व्यक्त कर सकेंगे।
3. पूर्व ज्ञान (Assumed prior knowledge)-
·
देश की पहचान: छात्र हमारे देश का नाम 'भारत' जानते
हैं और इसके नक्शे (Map) से
सामान्य रूप से परिचित हैं।
·
राष्ट्रीय प्रतीक: छात्र भारत के राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा), राष्ट्रीय गान और 'भारत
माता' शब्द के
बुनियादी अर्थ को समझते हैं।
·
प्राकृतिक भूगोल: छात्र भारत की प्रमुख प्राकृतिक संरचनाओं
जैसे—हिमालय पर्वत, गंगा नदी
और हिंद महासागर के नाम और उनकी दिशाओं से सामान्य रूप से वाकिफ हैं।
· · देशभक्ति
की भावना: छात्र
स्वतंत्रता सेनानियों, राष्ट्रीय
त्योहारों (15 अगस्त, 26 जनवरी)
और देशभक्ति गीतों के माध्यम से देशप्रेम की मूल भावना को महसूस कर सकते हैं।
· काव्य
समझ: छात्र
हिंदी की सामान्य कविताओं को तुकबंदी (Rhyming)
और लय के साथ सुनने तथा प्राथमिक स्तर पर उनका अर्थ
समझने की क्षमता रखते हैं।
4. अपेक्षित शिक्षण प्रतिफल (Expected Learning Outcomes)-
संज्ञानात्मक
स्तर पर -
·
व्याख्या करना: छात्र कविता की पंक्तियों का सरल भावार्थ अपने
शब्दों में समझा सकेंगे।
·
भौगोलिक पहचान: छात्र भारत माता के अंगों के रूप में वर्णित भौगोलिक
तत्वों (हिमालय, गंगा, समुद्र) को चिन्हित कर सकेंगे।
·
शब्दावली प्रयोग: छात्र पाठ में आए कठिन तत्सम शब्दों (जैसे- शस्य, विमल, भारती)
का सही अर्थ बताकर वाक्यों में प्रयोग कर सकेंगे।
भावात्मक
स्तर पर ( दृष्टिकोण और मूल्य)
·
देशभक्ति की अभिव्यक्ति: छात्र देश के प्रति आदर, कृतज्ञता और राष्ट्रीय गौरव की भावना को व्यक्त कर
सकेंगे।
·
सांस्कृतिक जुड़ाव: छात्र भारत की ऐतिहासिक और कृषि-प्रधान संपन्नता
("कनक-शस्य") के महत्व को स्वीकार करेंगे।
3. क्रियात्मक/कौशलात्मक
स्तर पर-
·
सस्वर काव्य-पाठ: छात्र पूरी कविता को सही लय, उचित आरोह-अवरोह और ओजपूर्ण भाव के साथ गा सकेंगे।
मानवीकरण
की समझ: छात्र
कविता में छिपे 'मानवीकरण
अलंकार' को समझकर
प्रकृति की अन्य चीजों में मानवीय रूपों की कल्पना कर सकेंगे।
5. शिक्षण-सहायक
सामग्री
- पाठ्यपुस्तक
- श्यामपट्ट (ब्लैकबोर्ड)
- चित्र/स्लाइड
- कार्यपत्रक
- ऑडियो या वीडियो क्लिप (यदि उपलब्ध हो)
6.सारांश (summary)-
- भाषा : संस्कृतनिष्ठ, तत्सम प्रधान और साहित्यिक खड़ी
बोली
- शैली : ओजपूर्ण, सम्बोधनपरक और गीत्यात्मक
- रस : वीर रस
- अलंकार : मानवीकरण अलंकार, रूपक अलंकार, अनुप्रास
अलंकार
·
यह कविता महाप्राण सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' जी
द्वारा रचित एक ओजपूर्ण देशभक्ति गीत है। इसमें कवि ने भारत माता की साक्षात देवी
के रूप में आराधना की है और उनकी निरंतर विजय की कामना की है। कवि ने भारत के
अनूठे भूगोल का सुंदर मानवीकरण किया है, जहाँ
हिमालय भारत माता का मुकुट है, समुद्र
उनके चरण धोता है और गंगा नदी उनके गले के हार जैसी है। देश की सोने जैसी फसलें और
कमल के फूल माता के हाथों की शोभा बढ़ाते हैं। यह कविता देशवासियों में राष्ट्रीय
चेतना, साहस और
गौरव की भावना जगाती है।
7. कौशल विकास (skill developed)-
1. भाषाई एवं अभिव्यक्ति कौशल-
· सस्वर
वाचन कौशल: छात्र
कविता को सही लय-ताल, उचित
सुर, और
ओजपूर्ण स्वर के साथ गाना सीखते हैं।
·
शब्द-भंडार का विकास: तत्सम और संस्कृतनिष्ठ शब्दों के प्रयोग से छात्रों
की हिंदी शब्दावली समृद्ध होती है।
·
व्याख्यात्मक कौशल: छात्र कठिन काव्य-पंक्तियों को समझकर उन्हें सरल
शब्दों में अपने भावों में व्यक्त करना सीखते हैं।
2. आलोचनात्मक
एवं कल्पनाशील चिंतन-
·
अमूर्त चिंतन : 'मानवीकरण अलंकार' के
माध्यम से छात्र अमूर्त भौगोलिक तत्वों (जैसे पर्वत,
नदी)
को एक जीवित मानवीय रूप में देखने की अनूठी कल्पना शक्ति विकसित करते हैं।
·
साहित्यिक सौंदर्यबोध: छात्र कविता में छिपे रस, छंद और अलंकारों को पहचानकर काव्य की सुंदरता को
परखने की कला सीखते हैं।
3. सामाजिक एवं भावनात्मक कौशल-
·
सहानुभूति और कृतज्ञता: छात्र अपनी मातृभूमि और उसकी प्राकृतिक संपदा के
प्रति आदर, कृतज्ञता
और जुड़ाव महसूस करते हैं।
·
राष्ट्रीय चेतना: सामूहिक रूप से इस ओजपूर्ण गीत को गाने से छात्रों
में टीम भावना और साझा राष्ट्रीय पहचान की भावना सुदृढ़ होती है।
8.क्रिया
कलाप (Activity)-
. कला और
मानचित्र गतिविधि-
·
गतिविधि का नाम:
"शब्दों से चित्र तक"
·
विवरण:
छात्रों
को भारत का एक बड़ा रूपरेखा मानचित्र दिया जाएगा। छात्र कविता की पंक्तियों के
आधार पर:
o उत्तर
में हिमालय की जगह एक सुंदर मुकुट का चित्र बनाएंगे।
o मध्य
भारत में गंगा नदी की जगह एक मोतियों
का हार बनाएंगे।
o दक्षिण
में समुद्र की जगह झुकती
हुई लहरें (चरण धोते हुए) दर्शाएंगे।
o मैदानी
भागों में धान की हरी-भरी फसलें (कनक-शस्य)
बनाएंगे।
2. संगीत और
नाट्य गतिविधि-
·
गतिविधि का नाम:
"सामूहिक ओजपूर्ण गान"
·
विवरण:
पूरी
कक्षा को 3-4 समूहों
में विभाजित किया जाएगा। हर समूह को कविता को अलग-अलग संगीत की धुनों, देशभक्ति के वाद्य यंत्रों (जैसे- डफली या ड्रम की
थाप) और वीर रस के भावों के साथ मंच पर प्रस्तुत करना
होगा। इससे छात्रों का सस्वर वाचन कौशल मजबूत होगा।
रचनात्मक
लेखन-
·
गतिविधि का नाम:
"मेरी मातृभूमि को पत्र"
·
विवरण:
"कनक-शस्य-कमल धरे" पंक्ति से प्रेरणा लेते हुए
छात्र भारत की प्राकृतिक और कृषि संपदा को बचाने के लिए (जैसे नदियों को साफ रखने
या पेड़ लगाने का संकल्प लेते हुए) भारत माता के नाम एक छोटा, भावनात्मक पत्र या 4
पंक्तियों
की स्वरचित कविता लिखेंगे।
9.गृहकार्य (homework)-
रचनात्मक
लेखन-
·
कविता में भारत माता के स्वरूप का वर्णन किया गया
है। आप अपने शब्दों में "मेरी परिकल्पना की भारत माता" विषय पर 80-100
शब्दों
का एक अनुच्छद लिखिए।
·
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न-उत्तर पुस्तिका में करेंगे।
10. संबद्ध सतत विकास लक्ष्य ( SDG Goals)-
SDG 15: भूमि पर जीवन (Life on Land)
SDG 6: स्वच्छ जल और स्वच्छता (Clean Water and Sanitation
SDG 4: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा (Quality Education)
SDG 16: शांति, न्याय और सशक्त संस्थाएँ (Peace, Justice and Strong Institutions)
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