निपात-
परिभाषा:
वे अव्यय शब्द जो वाक्य में किसी शब्द या पद के अर्थ पर विशेष बल, सीमा, निश्चय, प्रश्न, निषेध, स्वीकृति या भाव प्रकट करते हैं, उन्हें निपात कहते हैं।
निपात स्वयं किसी शब्द का मुख्य अर्थ नहीं बताते, बल्कि उसके अर्थ में विशेषता या बल जोड़ते हैं।
उदाहरण- राम आया।
राम ही आया।
प्रमुख निपात एवं उनके प्रयोग-
1. निपात – ही
प्रयोग – विशेष बल
उदाहरण – राम ही इस कार्य को पूरा कर सकता है।
2. निपात – भी
प्रयोग – समावेश / अतिरिक्तता
उदाहरण – सीता भी विद्यालय गई।
3. निपात – तो
प्रयोग – बल / निश्चय
उदाहरण – तुम तो बहुत अच्छा गाते हो।
4. निपात – तक
प्रयोग – सीमा
उदाहरण – मैं शाम तक तुम्हारा इंतज़ार करूँगा।
5. निपात – भर
प्रयोग – समय की सीमा
उदाहरण – वह दिन भर पढ़ता रहा।
6. निपात – मात्र
प्रयोग – केवलता / सीमा
उदाहरण – वह पाँच मिनट मात्र रुका।
7. निपात – केवल
प्रयोग – केवलता
उदाहरण – केवल मोहन ही इस प्रश्न का उत्तर दे सकता है।
8. निपात – न
प्रयोग – प्रश्न / आग्रह
उदाहरण – तुम मेरे साथ चलोगे न?
9. निपात – क्या
प्रयोग – प्रश्न
उदाहरण – क्या तुमने अपना गृहकार्य कर लिया?
10. निपात – जी
प्रयोग – आदर / स्वीकृति
उदाहरण – जी, मैं अभी आता हूँ।
11. निपात – अरे
प्रयोग – आश्चर्य
उदाहरण – अरे! तुम यहाँ कैसे आए?
12. निपात – वाह
प्रयोग – प्रशंसा
उदाहरण – वाह! तुमने बहुत सुंदर चित्र बनाया।
अभ्यास
निम्न वाक्यों में निपात शब्द पहचानिए—
मोहन भी मेरे साथ जाएगा।
वह ही इस काम को कर सकता है।
तुम तो बहुत समझदार हो।
मैं शाम तक तुम्हारा इंतज़ार करूँगा।
तुम मेरे साथ चलोगे न?
उसने एक वर्ष भर मेहनत की।
क्या तुमने गृहकार्य पूरा किया
वह पाँच मिनट मात्र रुका।
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