कारतूस 


मुख्य पात्र-

वज़ीर अली:

साहसी और जांबाज

देशभक्त

अवध का नवाब

एकमात्र लक्ष्य- अंग्रेजों को भारत से बाहर निकालना था।






कर्नल: 

ब्रिटिश अधिकारी 

वज़ीर अली को पकड़ने के लिए गोरखपुर के जंगलों में खेमा डालना। 


लेफ्टिनेंट: कर्नल का सहायक।

सआदत अली: 

वज़ीर अली का चाचा

अंग्रेजों का मित्र

अंग्रेजों ने अवध की गद्दी पर बैठाया

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

अवध का शासन: सआदत अली ने आधा राज्य और 10 लाख रुपये देकर अंग्रेजों से गद्दी ले ली थी।

अफगानिस्तान से मदद: वज़ीर अली ने अंग्रेजों के खिलाफ अफगानिस्तान के बादशाह (शाह-ए-ज़मां) को मदद के लिए आमंत्रित किया था।

वज़ीर अली का संघर्ष: गद्दी छिनने के बाद वज़ीर अली ने बनारस में कंपनी के वकील की हत्या कर दी और जंगलों में छिपकर अपनी शक्ति बढ़ाने लगा।

मुख्य घटना (The Incident):

खेमे में प्रवेश: वज़ीर अली एक 'सवार' के भेष में कर्नल के खेमे में अकेले घुस आता है।

कारतूस हासिल करना: वह कर्नल को अपनी बातों से प्रभावित करता है और उससे 10 कारतूस माँग लेता है (यह कहकर कि वह वज़ीर अली को पकड़ना चाहता है)।

पहचान बताना: कारतूस लेने के बाद वह अपना असली नाम बताता है—"वज़ीर अली" और कर्नल को हक्का-बक्का छोड़कर चला जाता है। 

संदेश :

देशभक्ति, वीरता और आत्म-सम्मान की भावना को दर्शाना 

वज़ीर अली जैसे साहसी लोग संख्या में कम होने के बावजूद बड़ी शक्तियों (अंग्रेजों) की नींद उड़ा सकते हैं।


वज़ीर अली अवध का नवाब बना → अंग्रेजों को देश से निकालने का लक्ष्य।

सआदत अली (चाचा) का अंग्रेजों से हाथ मिलाना → वज़ीर अली को गद्दी से हटाया गया।

वज़ीर अली बनारस पहुँचा → कंपनी के वकील की हत्या की और जंगलों में छिप गया।

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2. वर्तमान स्थिति (The Camp)

कर्नल और लेफ्टिनेंट का गोरखपुर के जंगलों में खेमा (Camp)।

लक्ष्य: वज़ीर अली को गिरफ्तार करना (जो सालों से उन्हें चकमा दे रहा है)।

धूल उड़ाता हुआ एक घुड़सवार (वज़ीर अली भेष बदलकर) कैंप में आता है।

कर्नल से अकेले में मिलने की शर्त रखता है।

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4. कर्नल और सवार की बातचीत 

सवार कर्नल से कहता है कि वह वज़ीर अली को पकड़ने में मदद करना चाहता है।

वह बहाने से कर्नल से 10 कारतूस मांग लेता है।

कर्नल प्रभावित होकर उसे कारतूस दे देता है

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