मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय || Class 9 ||

  लघु उत्तरीय प्रश्न

लेखक को स्कूल क्यों नहीं भेजा गया?

लेखक को शुरू में स्कूल नहीं भेजा गया क्योंकि पिता नहीं चाहते थे कि वह गलत संगति में पड़कर बुरे संस्कार ग्रहण करे। घर पर ही मास्टर रखे गए थे।

लेखक के प्राण कहाँ रहते थे?लेखक के प्राण उसके पुस्तकालय की किताबों में बसे थे, जैसे परी-कथाओं में राजा के प्राण तोते में होते थे। 

डॉक्टर बोर्जेस ने शॉक्स क्यों दिए?

1989 में तीन हार्ट अटैक के बाद डॉक्टर बोर्जेस ने 900 वोल्ट के शॉक्स दिए ताकि हृदय रिवाइव हो सके, हालाँकि 60% हार्ट नष्ट हो गया।

लेखक के घर कौन-सी पत्रिकाएँ आती थीं?

आर्यमित्र, वेदोदम, सरस्वती, गृहणी, बालसखा और चमचम।

पिता ने स्कूल जाते समय क्या वचन लिया?

पिता ने वचन लिया कि लेखक पाठ्यपुस्तकें ध्यान से पढ़ेगा और माँ की चिंता दूर करेगा।

लेखक को किताबें इकट्ठा करने का शौक कैसे लगा?

बचपन में 'हरि भवन' लाइब्रेरी में उपन्यास पढ़ने से उनका रुझान पुस्तकों की तरफ अधिक होता गया;

 फिल्म देखने के बजाय पहली पुस्तक 'देवदास' खरीदी तथा जब पिता की प्रेरणा से इनाम की किताबों से लाइब्रेरी शुरू की ।

पुस्तकालय का मानव जीवन  में क्या स्थान है?

पुस्तकालय ज्ञान का कोष है, जो जिज्ञासा बढ़ाता है, मूल्य सिखाता है और अकेलेपन का साथी बनता है।

स्कूल से मिली अंग्रेजी पुस्तकों का प्रभाव?

पक्षियों और समुद्र पर किताबों ने नई दुनिया के द्वार खोले; पिता ने कहा "यह तुम्हारी लाइब्रेरी है", जिससे संग्रह की प्रेरणा मिली।


लेखक को पुस्तक-प्रेम कैसे विकसित हुआ? 

उत्तर: लेखक को पुस्तकों से प्रेम बचपन में पढ़ने की आदत के कारण विकसित हुआ। अच्छी और ज्ञानवर्धक पुस्तकों के संपर्क में आने से उसे पढ़ने में आनंद मिलने लगा और धीरे-धीरे पुस्तकें उसके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गईं।


पुस्तकों से लेखक को क्या-क्या लाभ प्राप्त हुए?

 उत्तर: पुस्तकों से लेखक को ज्ञान, आत्मविश्वास, सही दिशा और मानसिक आनंद प्राप्त हुआ। पुस्तकों ने उसके जीवन को संस्कारित किया और कठिन परिस्थितियों में उसे प्रेरणा दी।


लेखक ने अपने निजी पुस्तकालय को अमूल्य क्यों माना? 

उत्तर: लेखक ने अपने निजी पुस्तकालय को अमूल्य इसलिए माना क्योंकि वह सीमित साधनों से एकत्र किया गया था और उसमें उसकी रुचि व ज्ञानवर्धक पुस्तकें थीं, जो उसे मानसिक संतोष देती थीं।


लेखक के जीवन में पुस्तकों का विशेष महत्व था? कथन की पुष्टि में उत्तर। 

उत्तर: लेखक के जीवन में पुस्तकों का विशेष महत्व था। पुस्तकें उनके लिए ज्ञान का स्रोत, सच्चा मित्र और मार्गदर्शक थीं, जिन्होंने उसके व्यक्तित्व और सोच को गहराई प्रदान की इसलिए अस्पताल से लौटने पर भी उन्होंने पुस्तक वाले कमरे में रहने की इच्छा व्यक्त की। 


लेखक को पुस्तकें प्राप्त करने में किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा?

लेखक को पुस्तकों की कमी और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

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