विराम चिह्न ॥ Class 9 || Vyakran ||

विराम चिह्न

विराम शब्द का मूल अर्थ है 'ठहराव' 'आराम'। व्याकरण रचना शास्त्र में इसे विराम कहते हैं।

विराम का अर्थ है-रुकना या विचाम करना। हम अपने भावों को व्यका करते समय बीच-बीच में रुकते हैं, इसे ही विराम कहते हैं और इस विराम के लिए निश्चित किए गए संकेत चिह्नों को विराम चिह्न कहते हैं।

यह लेखक व पाठक को यह बताने या समझाने की अनुमति देता है कि वाक्य कहीं समाप्त होता है, कहीं रुकना है, कम रुकना है आदि। मौखिक या लिखित भाषा में अर्थ अभिव्यक्ति के लिए प्रयोग किए जाने वाले विशिष्ट विह‌ह्नों को विराम चिहून कहते हैं।

विराम चिह्न केवल विराम अथवा ठहराव को ही व्यक्त नहीं करते बल्कि वाक्य के बीच पदों अथवा वाक्यांशों में लगकर विभिन्न भावो के संप्रेषण में भी सहायक सिद्ध होते हैं।

प्रमुख विराम-चिह्न

1. अल्प-विराम (,)

इसका प्रयोग वाक्य के बीच में बहुत थोड़े समय के रुकने के लिए, समान शब्दों, वाक्यों और उपवाक्यों को अलग करने के लिए किया जाता है। जैसे-

मुझे पेंसिल, कलम और कोपी चाहिए। (शब्द)

परिश्रम करो, फल अवश्य मिलेगा। (उपवाक्य)

2. अर्ध-विराम (;)

जहाँ अल्पविराम की अपेक्षा अधिक समय तक रुकना पड़े, वहीं इसका प्रयोग किया जाता है। जैसे-

सूर्योदय हो गया; अंधकार न जाने कहाँ चला गया ?

कठिन परिश्रम करो; परीक्षा निकट है।

3. पूर्ण-विराम (।)

किसी कथन के पूर्ण होने पर वाक्य के अंत में इसका प्रयोग किया जाता है। जैसे-

मैंने कविता-प्रतियोगिता में भाग लिया।

मेरा भाई परिश्रमी है।

4. प्रश्नवाचक (?)

जब वाक्य में कब, कहाँ, कैसे, क्या आदि का प्रयोग करते हुए प्रश्न पूछे जाते हैं, तब वाक्य के अंत में इस चिह्न का प्रयोग किया जाता है। जैसे-

दरवाजे पर कौन खड़ा है? 

आज आपने क्या खाया ?

5.  विस्मयादिबोधक (!)

इसका प्रयोग हर्ष, शोक, विस्मय, घृणा आदि मनोभावों को प्रकट करने के लिए किया जाता है। जैसे-

हाय! सुनामी लहरों ने सब कुछ नष्ट कर दिया।

वाह!  बड़ा मजा आया।

इसके अतिरिक्त संबोधन के बाद भी इसका प्रयोग किया जाता है-

छात्रो!  ध्यान से सुनो।

6. उदधरण चिह्न

i) इकहरा उद्धरण चिह्न (‘ ’) 

इसका प्रयोग मुख्य रूप से किसी विशेष शब्द, वाक्यांश, या पुस्तक/लेख के शीर्षक को विशेष रूप से बताने /हाइलाइट करने के लिए किया जाता है। 

उदाहरण: निराला को ‘छायावाद’ का स्तंभ कहा जाता है।

मेरी पुस्तक का नाम ‘ज्ञानसागर’ है। 

ii) दोहरा उद्धरण चिह्न (“ ”) 

इसका प्रयोग किसी व्यक्ति के कथन या किसी उद्धरण  को ज्यों का त्यों प्रस्तुत करने के लिए किया जाता है। 

उदाहरण: सुभाषचंद्र बोस ने कहा था, “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा।”

अध्यापिका ने कहा, “कल छुट्टी रहेगी।”

7. योजक (-)

इसका प्रयोग समान शब्दों, शब्द युग्मों तथा द्वंद्व समास के दोनों पदों के बीच किया जाता है। जैसे-

माता-पिता को नमस्कार करो।

अर्जुन-सा वीर मिलना कठिन है।

वह अभी-अभी आया है।

8. निर्देशक चिह्न (‌‌‌‌-)

निर्देशक-चिहुन का प्रयोग किसी विषय की व्याख्या करने, संवाद अथवा वार्तालाप के संदर्भ में किया जाता है। जैसे-

मोहन-कल मै विद्यालय नहीं जाऊँगा।

राकेश‌- मै टहलने जा रहा हूँ।

9. लाघव या संक्षेपक चिहन (०)

इसका प्रयोग शब्द का संक्षिप्त रूप बनाने के लिए किया जाता है। जैसे-

मेरा जन्म उ०प्र० (उत्तर प्रदेश) में हुआ।

पं० (पंडित) जवाहर लाल नेहरू देश के प्रयन प्रधानमंत्री थे।

10. हंसपद या त्रुटिपूरक (^)

लिखते समय यदि कोई शब्द छूट जाता है, तो वहीं (^) चिह्न लगाकर छूटे हुए शब्द को ऊपर लिख दिया जाता है। जैसे-

       त्योहार 
होली का मार्च में आता है।

      सदा
परिश्रमी सफल होते हैं। 

11. उपविराम (:)

शीर्षक या विषय को स्पष्ट करने के लिए अक्सर निबंध या लेख के शीर्षकों में इसका प्रयोग होता है ताकि विषय को विस्तार से समझाया जा सके।

उदाहरण: प्रदूषण : एक गंभीर समस्या।

मोबाइल : लाभ और हानियाँ।

12. विवरण चिन्ह (:-) 

 किसी कही बात को स्पष्ट करने या उसका विवरण प्रस्तुत करने के लिए वाक्य के अंत में इसका प्रयोग किया जाता है।जैसे- 

 निम्न शब्दों की व्याख्या कीजिये :- सर्वनाम,विशेषण। 
कर्म के आधार पर क्रिया के दो भेद होते हैं:— सकर्मक क्रिया, अकर्मक क्रिया।

13. 

कोष्ठक चिन्ह()

इनका मुख्य उद्देश्य वाक्य के किसी शब्द का अर्थ स्पष्ट करना या अतिरिक्त जानकारी देना होता है ।

राम (मुस्कुराते हुए)- "आप कैसे हैं?"

आपके सामर्थ्य (शक्ति) को सब जानते हैं।


नीचे दिए गए वाक्यों में सही विराम चिह्न लगाइए-

1) राम ने कहा मैं आज स्कूल नहीं जाऊँगा

2) क्या तुमने मेरा घर देखा

3) वाह क्या सुंदर दृश्य है

4) मोहन सीता और गीता बाजार गए

5) मुझे तीन चीजें चाहिए किताब पेन और कॉपी चाहिए


वाक्य शुद्ध करें-


1) अरे! तुम कहाँ जा रहे हो।

2) क्या बात है! तुम इतने खुश क्यों हो?

3) उसने कहा, मैं कल आऊंगा।

4) राहुल, ने मुझे बुलाया।

5) ओह यह क्या हो गया?


विराम चिह्न पहचानिए-

1) राम स्कूल गया।

2) क्या तुम ठीक हो?

3) अरे! यह क्या हुआ?

4) उसने कहा, "मैं आ रहा हूँ।"

5) दिल्ली, मुंबई, चेन्नई बड़े शहर हैं।


वाक्य बनाइए-

1) पूर्ण विराम (।)

2) प्रश्नवाचक चिह्न (?)

3) विस्मयादिबोधक चिह्न (!)

4) अल्पविराम (,)

5) उद्धरण चिह्न (" ")


सही उत्तर लिखिए:

1) प्रश्न पूछने के लिए कौन-सा चिह्न लगता है?

2) वाक्य समाप्त करने के लिए कौन-सा चिह्न उपयोग होता है?

3) आश्चर्य या भाव प्रकट करने के लिए कौन-सा चिह्न लगता है?

4) किसी की बात को ज्यों का त्यों लिखने के लिए कौन-सा चिह्न लगता है?

5)  शब्द का संक्षिप्त रूप बनाने के लिए कौन-सा  चिह्न लगता है?


उचित विराम चिह्नों का प्रयोग करते हुए वाक्यों को पुनः लिखिए -


1) शास्त्री जी ने नारा दिया जय जवान जय किसान

2) वह पढ़ा लिखा तो है पर उसे तमीज़ नहीं है

3) अरे तुम अभी तक यहीं हो 

4) अर्द्धविराम ( ; ) और अल्पविराम ( , ) के बीच मुख्य अंतर क्या है?

5) निम्नलिखित शब्दों में से उपसर्ग और मूल शब्द अलग-अलग कीजिए- 

अपमान 

निर्बल 

सुपुत्र 

अत्यंत 

6) दिए गए उपसर्गों से दो-दो नए शब्द बनाइए -

अनु


प्रश्न 1- निर्देशानुसार प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

(i) विराम शब्द का क्या अर्थ है?

(ii) प्रसन्नता, दुख, आश्चर्य व्यक्त करने वाले वाक्यों में किस विराम चिह्न का प्रयोग किया जाता है?

(iii) 'मंदिर की सीढ़ियाँ चढ़ते-चढ़ते में थक गया।' वाक्य में 'चढ़ते-चढ़ते' के बीच किस चिह्न का प्रयोग हुआ है।

(iv) दिए गए (^) चिह्न का क्या नाम है?

(v) हिंदी में सबसे अधिक किस 'विराम चिह्न' का प्रयोग होता है ?

प्रश्न 2-(i) निम्नलिखित विराम चिन्हों से वाक्य बनाइए-

(i) लाघव चिन्ह 

(ii) अर्द्ध-विराम चिन्ह 

(iii) विवरण चिह्न

(iv) कोष्ठक चिन्ह 

(v) त्रुटिपूरक चिन्ह 

प्रश्न 3-निम्नलिखित उपसर्गों  से बने दो-दो शब्द लिखिए-

(i) अव

(ii) प्र

(iii) हर

(iv) सह

(v) ना

प्रश्न 4- निम्नलिखित प्रत्ययों से निर्मित दो दो शब्द लिखिए-

(i) कर

(ii) दार

(iii) ता

(iv) ईय

(v) आवना

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